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नवरात्रि का महत्त्व

नवरात्रि का महत्त्व
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हमारे मानव शरीर में नवरात्रि का बहुत महत्व है। हमारी चेतना के अंदर**सतोगुण रजोगुण और तमोगुण होते हैं। प्रकृति के इसी चेतना के उत्सव को नवरात्रि कहते हैं।
यह तीनों गुण हमारे शरीर में तीन नाड़ियों के रूप में विद्यमान है।
इन्हीं के द्वारा मनुष्य के व्यवहार और मनोभाव का पता चलता है।
यह दिन प्रकृति की आराधना का भी है।
जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ प्रकृति भी अपना रूप बदलती है। नए-नए सुगंधित पुष्प नजर आते हैं। खेत खलियान के लिए भी अच्छा मौसम होता है।

मां की आराधना**मां काली, लक्ष्मी और सरस्वती यह तीनों रूप मां की आराधना के हैं।
नवरात्रि में**मां के अलग-अलग रूपों को निहारने और उनकी पूजा उत्सव मनाने का त्यौहार है।

नवरात्रि से गर्भ का तात्पर्य***जैसे कोई शिशु अपनी मां के गर्भ में 9 महीने रहता है, वैसे ही हम अपने आप में पर प्रकृति में रहकर ध्यान में मगन होते हैं। नौ दिनों का महत्व है, जब शिशु बाहर आकर सर्जनात्मकता का पूर्ण जीवन जीता है। ऐसे ही दसवें दिन शक्ति का पूजन होता है।

देवी ने महिषासुर नामक राक्षस और अन्य राक्षसों से 9 दिनों तक युद्ध किया दसवें दिन उन पर विजय पाई, इस कारण भी विजयदशमी का त्योहार महत्वपूर्ण है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री राम ने भी रावण का वध करके सीता जी को मुक्त किया। अधर्म पर धर्म की विजय हुई । इसी कारण नवरात्रि का महत्व और बढ़ जाता है।


मानव जीवन में अंक 9 से गहरा नाता है। भारतीय संस्कृति में अंक 9 की महिमा अधिक है। नौ ग्रह भी होते हैं।

साइंस की दृष्टि से नवरात्रि का महत्व****
मेडिकल साइंस के हिसाब से शारदीय नवरात्रि या चैत्र नवरात्रि का समय जलवायु के बदलाव का होता है । पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है इम्यूनिटी बूस्ट के लिए व्रत करना ठीक बताया है। भोजन हल्का हो। शरीर में सफाई की बहुत जरूरत होती है। इस बदलते जलवायु में कई तरह के नए बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जिससे हमारा शरीर लड़ने के लिए तैयार नहीं रहता। वैसे भी सप्ताह में एक बार उपवास कर लेना चाहिए।

नवरात्रि के नौ दिनों में, अपनी आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाने का दिन है। ध्यान धारण के द्वारा अपनी ऊर्जा बढ़ाने का दिन है। कई धर्म गुरुओं का कहना है कि नवरात्रि में 7 दिन चक्र की साधना की जाती है। आठवीं दिन शक्ति को पूजा जाता है। 9वा दिन शक्ति की सिद्धि का होता है। यानि, हमारे भीतर कुंडलिनी शक्ति को जागृत करना होता है। अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़नी होती है।

जिनको इन चक्रों और कुंडली के बारे में पता है वहीं इसका मतलब जान सकते हैं।
कुल मिलाकर यही कहते हैं की नवरात्रि का पावन दिन बहुत ही शुभ पवित्र अपने अंदर शुद्ध विचार प्राप्त करने का महत्व है।

हमारे भारत देश में अलग-अलग पूजा है उनकी अलग-अलग मान्यताएं हैं सब हमें आध्यात्मिकता से जोड़ कर रखती हैं। सभी धर्म का अपना अपना महत्व है सभी का सम्मान करना चाहिए।
हम लोग कितने भाग्यशाली हैं कि भारत भूमि में संतों की भूमि में हमारा जन्म हुआ। हमें सभी धर्म का आदर सम्मान करना चाहिए और सभी संतो के बताए हुए मार्ग को अपनाना चाहिए।🙏
अपने अंदर के अहंकार क्रोध और नफरत को हटाकर एकजुट होकर शक्ति का आह्वान अपने अंदर करें और उसका विस्तार करें।



गीता ठाकुर दिल्ली से
प्रतियोगिता हेतु(स्वैच्छिक)

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6 Comments

Mohammed urooj khan

15-Apr-2024 11:56 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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नंदिता राय

11-Apr-2024 07:51 PM

Nice

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Shnaya

11-Apr-2024 05:22 PM

V nice

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